Raising the deads – The secrets of Samadhi and Parkaya Pravesh!

If a Master chooses to draw the vayus one after another then his body (after death) shall behave like any other ordinary person’s body. Most of the Masters prefer to not leave this body after setting the momentum of Vayus because then there is possibility of misuse of their body by some other spirit.

Tantra – Total acceptance of Cosmic Love Energy

मानव शरीर में प्रवाहित हो रही ऊर्जाओं का प्रबंधन हो सके तो मनुष्यता के बहु-आयामी विकास की एक क्रांतिकारी शुरुआत हो सकती है। तंत्र कहता है कि इस मानव शरीर में ऊर्जाओं के सात केंद्र या चक्र हैं व इन्ही सप्त-चक्रों (मूलाधार, स्वाधिष्ठान, मणिपुर, अनाहत, विशुद्ध, आज्ञा एवं सहस्रार) के बीच प्रेम-शक्ति का सतत एवं सम्यक प्रवाह ही सम्यक स्वास्थ्य है ।