The Gita: Srimad Bhagwadgita: श्रीमद्भगवद्गीता : Chapter 1:40-1:41

I bow down to lotus feet of my first Guru, my revered father Pandit Shri Murli Dhar ji Mishr,  my Vidya Guru Kaul Shiromani Shri Shivanand Nath ji, Yoga Guru Paramhamsa Shri Balendu Giri ji Maharaj and all the compassionate Masters and divine souls of Gurumandala..  I pray for their love, support and guidance.. Shivoaham! […]

How to gain control over mind (मन पर नियंत्रण कैसे करें?)

वास्तव में हमें मानसिक रूप से हमें अपने अमीर होने का भान होता है क्यूँ कि अगर कोई कहे कि “आत्मा” तो आप उसे आधे घंटे का प्रवचन दे सकते हैं| कोई अगर गलती से भी “कर्म” का नाम ले दे तो आप उसे पूरी “गीता-सार” सुना सकते हैं.. धन्य हैं हमारे पूर्वज जो हमे सब कुछ दे गए जो भी हमें मालूम हो सकता था पर उन्हें या नहीं मालूम था कि किसी परम भक्त द्वारा भक्ति व समर्पण की पराकाष्ठा में किये गए उदगार “होइहै वही जो राम रची राखा” ही तुम्हारे जीवन का दर्शन बन जाएगा और फिर सब कुछ सिर्फ “पढने और जानने” तक सीमित हो कर रह जायेगा, करने को कुछ बचेगा ही नहीं |